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Shayari directy from Hearts

Hindi Shayari

Sayri and thoughts

मोहब्बत के बाजार में बिक जाए….
ऐसी मेरी शायरी नहीं….
कोई कीमत लगा दे मेरे अल्फाजों का..
ऐसा कोई मुकद्दर में कीमत लिखी नहीं…….
तेरे जुल्फों में लहरा जाऊंगा…..
हवा बनकर तेरे हुस्न को सहरा जाऊंगा……
एहसास भी नहीं होगा….
और तेरी जिंदगी में इतनी खुशियां लहरा जाऊंगा……
मेरी मोहब्बत की बोली लगाने वाले ग्राहक कम पड़ गए ….
जब लहर उठा मेरे दर्द का
यह भी मेरी ही लिखी है
मेरी डायरी मेरी शायरी manu.

आप हमसे ना मिले कोई बात नहीं

आप हमसे ना मिले कोई बात नहीं
आप हमसे ना मिले कोई बात नहीं
पर ऐसी कोई रात नहीं
सपनों में आपकी मेरी मुलाकात नहीं
और फिर भी आप कहते हैं
कि ये मोहब्बत नहीं

जीना सीख लिया

तनहाइयों में जिना सिख लिया।
खुद के साथ रहना सिख लिया।
मुखवटों को तुम लाख बदल दो,
हमने चेहरे पढ़ना सिख लिया।
चिरागों से कहों गुरुर न करें।
हमने भी अब जलना सिख लिया।
रास्तों की परवाह आप ही करों,
हमने तो अब उड़ना सिख लिया।
किसी चाल में कभी फसेंगे नही।
हमने भी शतरंज खेलना सिख लिया।
खुशियाँ तुम अपने पास ही रखों,
हमने गम में जिना सिख लिया।

Written by- बिलगेसाहब

मैं और मेरे अहसास

ज़िन्दगी तुझसे कोई शिकायत नहीं 😏
बस दोबारा मुड़कर मत देखना 👀
तुझे हम में, हम नजर नहीं आयेंगे।
@shubham

रंग बिखरे थे कितने मुहब्बत के थे वो

रंग बिखरे थे कितने मुहब्बत के थे वो |
इक वो ही था जो कितना बेरंग निकला |
मैं ही वो शबनम थी जिसने चमन को सींचा |
मुझे ही छोड़ कर वो बारिश में भीगने निकला |
मेरा वजूद हे तो रोशन हे तेरे घर के दिये |
मैंने देखा तू कितना बेरहम निकला |
न जाने कहाँ हर्फे वफ़ा गम होके रह गई |
सबने देखा सरे राह मुहब्बत का जनाज़ा निकला|
दिल है खामोश उदासी फिजा में छाई है |
मुद्दतें बीती बहारों का काफिला निकला |
टूटे हुए ख्वाब सिसकती हुई सदाओं ने कहा |
करने बर्बाद मुझे मेरे घर का रेह्नुमाँ निकला |

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